सोयाबीन की फसल में खरपतवार: नाम, नुकसान और नियंत्रण उपाय.

सोयाबीन की फसल में खरपतवार

सोयाबीन की फसल में प्रमुख खरपतवार

सोयाबीन की फसल में खरपतवार उपज को 30–70% तक कम कर सकते हैं। सही पहचान और नियंत्रण बेहद ज़रूरी है।

सोयाबीन की फसल

सोयाबीन की फसल में प्रमुख खरपतवार

सोयाबीन की फसल में खरपतवार उपज को 30–70% तक कम कर सकते हैं। सही पहचान और नियंत्रण बेहद ज़रूरी है।

1. घास वर्ग के खरपतवार

  • सांवां (Echinochloa colona / Echinochloa crusgalli)
  • कोदों (Eleusine indica)
  • मकड़ा (Dactyloctenium aegyptium)
  • दूब (Cynodon dactylon)
  • वनचरी (Sorghum halepense)
  • गिनिया घास (Panicum dichotomiflorum)

2. चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार

  • साठी (Trianthema portulacastrum)
  • कनकवा (Commelina benghalensis)
  • कोन्दरा (Digera arvensis)
  • कंटीली चौलाई (Amaranthus spinosus)
  • मकोय (Solanum nigrum)
  • बड़ी दूधी (Euphorbia hirta)
  • हजार दाना (Phyllanthus niruri)
  • जल भंगरा (Eclipta alba)
  • पुनर्नवा (Boerhavia diffusa)
  • गाजर घास (Parthenium hysterophorus)

3. नरकट वर्ग के खरपतवार

  • मौथा (Cyperus iria, Cyperus rotundus)

⚠️ नुकसान

  • पोषक तत्वों की कमी
  • प्रकाश और स्थान की कमी
  • रोग और कीट प्रकोप
  • उपज में कमी (40–70% तक)

✅ नियंत्रण के तरीके

  • गहरी जुताई
  • निराई-गुड़ाई (20–25 दिन और 40–45 दिन बाद)
  • फसल चक्र और इंटरक्रॉपिंग
  • रासायनिक नियंत्रण: Pendimethalin, Imazethapyr, Metolachlor, Quizalofop-ethyl

निष्कर्ष: सोयाबीन में सांवां, दूब, गाजर घास और मौथा जैसे खरपतवार सबसे अधिक नुकसानदायक हैं। समय पर पहचान और नियंत्रण से किसान उपज सुरक्षित रख सकते हैं।

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