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पाउडरी मिल्ड्यू रोग (Powdery Mildew) की संपूर्ण जानकारी (हिन्दी में)

 पाउडरी मिल्ड्यू रोग (Powdery Mildew) की संपूर्ण जानकारी (हिन्दी में)

(Powdery Mildew)



🌿 पाउडरी मिल्ड्यू क्या है?

पाउडरी मिल्ड्यू (Powdery Mildew) एक प्रकार का कवकीय (Fungal) रोग है, जो पौधों की पत्तियों, तनों, फूलों और फलों पर सफेद पाउडर जैसी परत बनाकर फैलता है। यह रोग कई प्रकार की फसलों जैसे टमाटर, भिंडी, मिर्च, अंगूर, आम, गेहूं, मूंगफली, और फूलों की प्रजातियों को प्रभावित करता है।


🦠 रोग का कारक (Pathogen):

इस रोग के कई प्रकार के कवक (Fungi) ज़िम्मेदार होते हैं, जिनमें प्रमुख हैं:

  • Erysiphe cichoracearum

  • Oidium spp.

  • Sphaerotheca fuliginea

  • Leveillula taurica

हर फसल के लिए अलग-अलग फफूंद होती हैं, लेकिन लक्षण लगभग एक जैसे होते हैं।


🔍 लक्षण (Symptoms):

  1. पत्तियों की सतह पर सफेद या ग्रे रंग की पाउडर जैसी परत।

  2. ग्रसित पत्तियाँ पीली होकर मुरझाने लगती हैं।

  3. फूल और फल प्रभावित होकर गिर सकते हैं या खराब हो सकते हैं।

  4. पौधे की वृद्धि रुक जाती है और उत्पादन कम हो जाता है।


🌦 रोग फैलने की स्थिति:

  • गर्म और शुष्क मौसम में तेज़ी से फैलता है।

  • उच्च आद्रता (humidity) और मध्यम तापमान (20-30°C) वाले मौसम में ज्यादा होता है।

  • अधिक नाइट्रोजन उर्वरक के प्रयोग से रोग बढ़ता है।


🛡 नियंत्रण एवं रोकथाम के उपाय:

1. कृषि उपाय (Cultural Practices):

  • रोगग्रस्त भागों को काटकर नष्ट कर दें।

  • पौधों में उचित दूरी बनाए रखें ताकि वेंटिलेशन अच्छा रहे।

  • खेत की सफाई और खरपतवार नियंत्रण करें।

  • सहनशील या रोग प्रतिरोधक किस्मों का प्रयोग करें।

🧪 2. जैविक नियंत्रण (Biological Control):

  • Trichoderma viride या Pseudomonas fluorescens जैव-उपचारक का उपयोग बीज उपचार या मृदा में करें।

🧴 3. रासायनिक नियंत्रण (Chemical Control):

  • रोग प्रारंभ होते ही निम्नलिखित कवकनाशकों का छिड़काव करें:

दवा का नाम मात्रा (प्रति लीटर पानी)
सल्फर 80% WP 2-3 ग्राम
हेक्साकोनाज़ोल 5% EC 1 मिली
कैराथेन (Penconazole) 1 मिली
वेटेबल सल्फर (Sulphur) 3 ग्राम

छिड़काव 7-10 दिन के अंतराल पर 2-3 बार करें।


⚠️ सावधानियाँ:

  • छिड़काव सुबह या शाम के समय करें।

  • व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (mask, gloves) का प्रयोग करें।

  • रासायनिक दवाओं का बार-बार एक ही प्रकार का प्रयोग न करें (प्रतिरोध न बने इसके लिए)।



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