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विल्ट रोग (Wilt Disease) पौधों में होने वाला एक गंभीर रोग है

 विल्ट रोग (Wilt Disease) पौधों में होने वाला एक गंभीर रोग है, 



Wilt Disease


जो पौधों की नलिकाओं (vascular system) को प्रभावित करता है। यह रोग पौधे की जल और पोषक तत्वों के प्रवाह को बाधित कर देता है, जिससे पौधा धीरे-धीरे मुरझाने (wilt) लगता है और अंततः सूखकर मर सकता है।


विल्ट रोग की संपूर्ण जानकारी (हिन्दी में)


विल्ट रोग के प्रमुख कारण:

1. फंगल विल्ट (Fungal Wilt):

  • मुख्य रोगजनक:

    • Fusarium oxysporum

    • Verticillium dahliae

2. बैक्टीरियल विल्ट (Bacterial Wilt):

  • मुख्य रोगजनक:

    • Ralstonia solanacearum

3. नेमाटोड-जनित विल्ट:

  • नेमाटोड जड़ों को नुकसान पहुंचाकर पौधे को मुरझा देते हैं।


🧪 संक्रमण का तरीका:

  • फफूंद या बैक्टीरिया ज़मीन के माध्यम से जड़ों में प्रवेश करते हैं।

  • वे जाइलम (xylem) में जाकर उसे बंद कर देते हैं, जिससे पानी और पोषक तत्व ऊपर नहीं पहुंचते।

  • पौधा मुरझा जाता है।


🌾 किस-किस फसल में होता है ये रोग?

  • टमाटर 🍅

  • मिर्च 🌶️

  • बैंगन 🍆

  • आलू 🥔

  • अरहर

  • कपास

  • चना

  • केला 🍌

  • अन्य सब्ज़ियाँ व फसली पौधे


⚠️ लक्षण (Symptoms):

  • पत्तियों का मुरझाना (शुरू में दोपहर में, बाद में स्थायी रूप से)

  • पीली पत्तियाँ और सूखी शाखाएं

  • तने को काटने पर अंदर का भाग भूरा या काला दिखता है

  • पौधा ऊपर से धीरे-धीरे सूखता है

  • कभी-कभी पौधे की जड़ें भी सड़ जाती हैं


नियंत्रण और उपचार (Control & Treatment):

1. रोगमुक्त बीज और पौधों का चयन करें

  • प्रमाणित व रोग-प्रतिरोधी किस्में ही बोएं।

2. फसल चक्र अपनाएं (Crop Rotation)

  • 2-3 साल तक उसी खेत में वही फसल न लगाएं।

3. जैविक उपाय (Biological Control):

  • Trichoderma viride, Pseudomonas fluorescens जैसे जैविक कवकनाशक का उपयोग करें।

  • इन्हें बीज उपचार, मिट्टी उपचार व पौध उपचार में उपयोग करें।

4. रासायनिक उपाय (Chemical Control):

  • बीज उपचार:

    • कार्बेन्डाजिम 2-3 ग्राम प्रति किलो बीज

  • मिट्टी में ड्रेंचिंग:

    • कार्बेन्डाजिम या कॉपर ऑक्सीक्लोराइड का घोल (0.2%)

  • नेमाटोड नियंत्रण के लिए कार्बोफ्यूरान या नेमाटोसाइड्स डालें।


🌱 रोकथाम के उपाय (Preventive Measures):

  • खेत में जल निकासी अच्छी रखें

  • संक्रमित पौधों को जला दें

  • खेती से पहले सूर्य प्रक्षालन (solarization) करें

  • खेत में जैविक खाद और सड़ी हुई गोबर खाद का उपयोग करें

  • मिट्टी की पी.एच. जांच करवाकर सुधारें




फसलो में लगने वाले रोग.| 

  1. damping off
  2. alterneriya blight
  3. rust
  4. bluemode


फल वाली  फसले

 

अनाज वाली फसले 


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