गेहूं की फसल में कीटनाशक डालने का सही तरीका | 2026 पूरी जानकारी
गेहूं भारत की प्रमुख फसल है, लेकिन कीट और रोग इसके उत्पादन को काफी नुकसान पहुंचाते हैं। इस लेख में हम जानेंगे गेहूं की फसल में कीटनाशक डालने का सही तरीका, सही समय, मात्रा और सावधानियां, जिससे किसान भाई अधिक पैदावार पा सकें।
गेहूं की फसल में लगने वाले प्रमुख कीट
गेहूं की फसल में तना छेदक, माहू (एफिड), दीमक जैसे कीट अधिक नुकसान पहुंचाते हैं। समय पर नियंत्रण न किया जाए तो पैदावार 30–40% तक कम हो सकती है।
कीटनाशक का सही चयन कैसे करें
कीटनाशक का चयन करते समय कीट की पहचान करना जरूरी है। हमेशा कृषि विशेषज्ञ की सलाह से ही दवा का चुनाव करें।
- फसल की अवस्था के अनुसार दवा चुनें
- सरकारी अनुशंसित कीटनाशक का उपयोग करें
- एक ही दवा बार-बार न डालें
कीटनाशक डालने का सही समय और मात्रा
कीटनाशक सुबह या शाम के समय छिड़काव करना सबसे अच्छा माना जाता है। दवा की मात्रा लेबल पर लिखी मात्रा के अनुसार ही प्रयोग करें।
कीटनाशक छिड़काव करते समय सावधानियां
छिड़काव करते समय दस्ताने, मास्क और पूरे कपड़े पहनें। तेज हवा या बारिश में छिड़काव न करें।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: गेहूं में कीटनाशक कितनी बार डालना चाहिए?
उत्तर: कीट प्रकोप के अनुसार 1–2 बार पर्याप्त होता है।
प्रश्न: गलत कीटनाशक से क्या नुकसान हो सकता है?
उत्तर: गलत दवा से फसल जल सकती है और उत्पादन घट सकता है।
निष्कर्ष
अगर किसान सही समय, सही मात्रा और सही विधि से कीटनाशक का प्रयोग करें, तो गेहूं की फसल से बेहतर उत्पादन और अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
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