सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

राजस्थान सरकार की सेडनेट हाऊस योजना

 राजस्थान सरकार की सेडनेट हाऊस योजना

शेडनेट हाऊस

शेडनेट हाऊस

उद्देश्य

  • कृषि जलवायुवीय कारक तापक्रम आर्द्रता व सूर्य के प्रकाश को नियंत्रित करके सब्जियों, फुलों वा फलो आदि उधानिकी फसलो की खेती कर अधिक आमदनी अजिर्त करने हेतू।

अनुदान

  • निर्धारित इकाई लागत या विभाग द्वारा अनुमोदित फर्मस की दरों में से जो भी कम होने पर अधिकतम 4000 वर्गमीटर क्षेत्र के लिए सामान्य श्रेणी के कृषकों को 50 प्रतिशत अनुदान तथा अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति कृषकों को 70 प्रतिशत अनुदान देय है। इसके अतिरिक्त अधिसूचित जनजाति क्षेत्र के कृषकों के साथ.साथ प्रदेश के समस्त लघु/ सीमान्त श्रेणी के कृषकों को 25 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान देय है।

पात्रता

  • आवेदक के पास कृषि योग्य भू-स्वामित्व एवं सिंचाई स्त्रोत होना आवश्यक है।

आवेदन प्रक्रिया

  • ई-मित्र केन्द्र पर जाकर आवेदन कर सकेगा।
  • आवश्यक दस्तावेज, आधार कार्ड / जनाधार कार्ड, जमाबन्दी की नकल (छः माह से अधिक पुरानी नही हो), मिट्टी व पानी की जांच रिपोर्ट, अनुमोदित फर्म का कोटेशन एवं सिचांई स्रोत का प्रमाण तथा लघु, सीमांत, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति कृषकों को अनुदान हेतु संबधिंत प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।

अन्य महत्वपूर्ण बिंदु

  • शेडनेट हाऊस का निर्माण उद्यान विभाग द्वारा प्रशासनिक स्वीकृति / कार्यादेश जारी किये जानें के बाद ही करें।
  • निर्माण उपरान्त गठित कमेटी द्वारा सत्यापन किया जायेगा ।
  • कृषक द्वारा प्रशासनिक स्वीकृति जारी होने से 30 दिवस अथवा वित्तीय वर्ष का अन्तिम कार्य दिवस (31 मार्च) जो भी पहले होगा, तक शपथ पत्र, त्रि-पार्टी अनुबंध पत्र एवं कृषक हिस्सा राशि कार्यालय में जमा कराना होगा।
  • अनुदान राशि का भुगतान सीधे कृषक के बैंक खाते में या कृषक की लिखित सहमति के आधार पर निर्माता फर्म को।

वैधता

  • चालू वित्तीय वर्ष



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

ब्लैक ग्राम (Black Gram) की प्रमुख किस्में: किट रोग व् उपचार

 ब्लैक ग्राम (Black Gram) की प्रमुख किस्में: किट रोग व् उपचार 

येल्लो मस्टर्ड (Yellow Mustard) की प्रमुख किस्में निम्नलिखित हैं: मुख्य रोग मुख्य कीट की पूरी

 येल्लो मस्टर्ड (Yellow Mustard) की प्रमुख किस्में निम्नलिखित हैं

मिर्च की किस्मे रोग किट व उपचार

  मिर्च की प्रमुख किस्में: कृष्णा मिर्च (Krishna Chilli) यह किस्म उच्च उत्पादकता वाली होती है और इसका रंग गहरा लाल होता है, जो विशेष रूप से मसालों के लिए उपयोगी है। भूत जोलोकिया (Bhut Jolokia) यह मिर्च दुनिया की सबसे तीखी मिर्चों में से एक मानी जाती है। इसे विशेष रूप से तीखे स्वाद के लिए उगाया जाता है और भारत में यह विशेष रूप से असम और नगालैंड में उगाई जाती है। लाल मिर्च (Red Chilli) यह किस्म भारत में प्रमुख रूप से उगाई जाती है और इसका उपयोग सूखी मिर्च के रूप में मसाले के रूप में किया जाता है। यह विविध आकार और रंगों में उपलब्ध होती है। ताम्र मिर्च (Tamra Chilli) यह किस्म बड़ी और मोटी मिर्चों की होती है, जो हरे रंग की होती है और पकने पर लाल हो जाती है। इसे फलों के रूप में खाया जाता है। हरी मिर्च (Green Chilli) यह किस्म ताजगी और स्वाद में उत्तम होती है। इसे कच्चा खाया जाता है और अधिकतर पकवानों में इस्तेमाल किया जाता है। मिर्च के प्रमुख रोग: फ्यूसारियम विल्ट (Fusarium Wilt) इस रोग में मिर्च के पौधे मुरझाने लगते हैं और पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं।...

90*728