सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

महामारी रेड अलर्ट - जन अनुशासन

 महामारी रेड अलर्ट - जन अनुशासन


लॉडाउन अपील

I register for COVID-19 vaccination? You can log into ..

Self Registration1       कोरोना - 19 के लिएसामने वाले लिंक या यहा क्लिक करे      click here

Verify a vaccination certificate

Co-WIN - UMANG

पहला चरण     


दूसरा चरण

तीसरा चरण
चोथा चरण

पाचवा चरण


6" प्रिय प्रदेशवासियों,

आप ने लॉकडाउन की पालना शुरू कर दी है।

राज्य में कोरोना संक्रमण फिर निरंतर गहराता जा रहा है। शहरों के साथ-साथ गांवों और युवाओं में भी तेजी से फैल रहा है। पहली लहर के मुकाबले इस दूसरी घातक लहर में मौतें भी ज्यादा हो रही है। संक्रमण के बाद शहर तक इलाज के लिए पहुंचते-पहुंचते लोगों की मौत हो रही है।

राज्य सरकार प्रदेशवासियों की जीवन रक्षा के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इसके लिए वित्तीय संसाधनों की भी कोई कमी नहीं रखी जा रही है, लेकिन कोरोना का संक्रमण जिस गति से फैल रहा है, उसे देखते हुए यह बेहद जरूरी है कि जनता इसके प्रसार को रोकने के लिए स्व अनुशासन में रहे और महामारी रेड अलर्ट जन अनुशासन लॉकडाउन की पूरी तरह पालना करें, अन्यथा हम कितने ही संसाधन जुटा लें, हमारे सभी प्रयास कम पड़ते चले जाएंगे।

संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए ही हमने प्रदेशभर में 3 मई से 24 मई तक लॉकडाउन लगाया है। लॉकडाउन के दौरान विवाह से संबंधित किसी भी प्रकार के समारोह, डीजे, बारात एवं निकासी तथा प्रीतिभोज आदि की अनुमति 31 मई तक नहीं दी गई है। आखातीज पर विवाह का शुभ अबूझ सावा होता है। प्रदेश भर में कोरोना संक्रमण के फैलाव को देखते हुए ि समारोह को 31 मई, 2021 तक स्थगित किए जाने की सलाह दी गई है। अति आवश्यक होने पर विवाह घर पर ही अथवा कोर्ट मैरिज के रूप में ही करने की अनुमति होगी, जिसमें केवल 11 व्यक्ति ही अनुमत होंगे। जिसकी सूचना वेबपोर्टल covidinfo.rajasthan.gov.in पर देनी होगी।

विवाह में बैण्ड-बाजे, हलवाई, टैन्ट या इस प्रकार के अन्य किसी भी व्यक्ति के सम्मिलित होने की अनुमति नहीं है। शादी के लिए टैन्ट हाउस एवं हलवाई से संबंधित किसी भी प्रकार के सामान की होम डिलीवरी भी नहीं की जा सकेगी। मैरिज गार्डन, मैरिज हॉल एवं होटल परिसर शादी समारोह के लिए बंद रहेंगे। किसी भी प्रकार के सामूहिक भोज की अनुमति नहीं होगी।

मुझे यह जानकर खुशी हुई है कि बड़ी संख्या में लोगों ने स्व विवेक से निर्णय कर शादियां स्थगित की हैं, मेरी आपसे विनम्र अपील है कि अन्य लोग भी इस पहल में भागीदार बनकर कोविड की चुनौती से लड़ने में राज्य सरकार का सहयोग करें। लॉकडाउन की इस अवधि अंतर्गत ईद का मुबारक पर्व भी आ रहा है। अतः ईद के मुबारक मौके पर अकीदतमंद जन अनुशासन का परिचय देकर घर पर ही अपने परिवारजन के साथ खुशियां मनाएं। साथ ही मेरा आप सबसे यह भी आग्रह है कि कोविड के दौर में सभी धर्म के लोग धार्मिक रीति-रिवाजों, त्यौहार, उत्सव आदि के कार्यक्रमों को घर पर ही रहकर मनाएं। कोई भी व्यक्ति धार्मिक स्थलों पर नहीं जाए, घर से ही पूजा, इबादत एवं प्रार्थना करें ताकि संक्रमण की चेन तोड़ी जा सके। हमारे समन्वित प्रयासों से ही हम कोरोना की इस कठिन जंग को जीतने में कामयाब हो सकेंगे।

आपके सहयोग और विश्वास की अपेक्षा के साथ 29

"निज पर शासन, फिर अनुशासन'

टिप्पणियाँ

300*250

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

ब्लैक ग्राम (Black Gram) की प्रमुख किस्में: किट रोग व् उपचार

 ब्लैक ग्राम (Black Gram) की प्रमुख किस्में: किट रोग व् उपचार 

करेला की किस्मे रोग किट व उपचार

  करेला की प्रमुख किस्में: पंत करेला (Pant Karela): यह किस्म उत्तरी भारत में उगाई जाती है और विशेष रूप से ठंडी जलवायु में अच्छी होती है। इसके फल छोटे, हरे रंग के होते हैं और स्वाद में कड़वे होते हैं। यह किस्म रोग प्रतिरोधी होती है। कृष्णा करेला (Krishna Karela): यह किस्म गर्म जलवायु में उगाई जाती है और इसके फल लंबे और हल्के हरे रंग के होते हैं। इसका आकार बहुत अच्छा होता है और यह किस्म उच्च गुणवत्ता वाली होती है। गोविंद करेला (Govind Karela): यह किस्म मध्य भारत में उगाई जाती है और इसके फल लंबे होते हैं। यह किस्म रोग प्रतिरोधी होती है और उच्च उपज देने वाली होती है। सम्राट करेला (Samrat Karela): यह किस्म विशेष रूप से दक्षिण भारत में उगाई जाती है। इसके फल छोटे और गहरे हरे होते हैं। यह किस्म जल्दी पकने वाली और ज्यादा उपज देने वाली होती है। शिवाजी करेला (Shivaji Karela): यह किस्म विशेष रूप से ताजगी और स्वाद में अच्छी होती है। इसके फल लंबे और मोटे होते हैं, जो बाजार में बेचने के लिए उपयुक्त होते हैं। करेला के प्रमुख रोग: फ्यूसारियम विल्ट (Fusarium Wilt)...

केले की फसल की संपूर्ण जानकारी, केले की सिंचाई (Banana Irrigation),केले के लिए उपयुक्त मिट्टी और जलवायु (Best Soil & Climate for Banana)

  केले की फसल की संपूर्ण जानकारी 🌱🍌 केले की खेती में सिंचाई, खाद प्रबंधन, मिट्टी, उपज, रोग-कीट नियंत्रण का सही ध्यान रखना जरूरी है ताकि उत्पादन अधिक हो और गुणवत्ता अच्छी बनी रहे। 1️⃣ केले की सिंचाई (Banana Irrigation) 💧 ✅ केले की फसल को अधिक नमी की जरूरत होती है, लेकिन जलभराव नुकसानदायक होता है। सिंचाई का सही तरीका और समय फसल की अवस्था सिंचाई का अंतराल नए पौधे (0-2 महीने) हर 4-5 दिन में वृद्धि अवस्था (3-6 महीने) हर 7-10 दिन में गर्भधारण अवस्था (7-10 महीने) हर 10-15 दिन में कटाई से पहले (11-12 महीने) सिंचाई कम करें ताकि मिठास बढ़े ✅ ड्रिप सिंचाई के फायदे 50% पानी की बचत होती है। पौधों को सही मात्रा में नमी मिलती है। खरपतवार और बीमारियां कम होती हैं। 🚫 बरसात के समय जल निकासी का सही ध्यान रखें, क्योंकि अधिक पानी से जड़ें सड़ सकती हैं। 2️⃣ केले की खाद एवं उर्वरक (Banana Fertilizer Management) 🌿 केले को तेजी से बढ़ने और अच्छी गुणवत्ता वाले फल देने के लिए संतुलित खाद जरूरी है। उर्वरक प्रबंधन (Fertilizer Schedule) पौधे की उम्र गोबर...

90*728