सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Rabi

   Rabi crop in India

 प्रमुख फसले 



अनाज वाली रबी की फसले -
                                                       गेहू, जों.

दलहन वाली रबी की फसले - 
                                                       चना,मटरमसूर,राजमा,जायद मूंग.

तिलहन वाली रबी की फसले - 
                                                       सरसों, तारामीरा,अलसी,तोरिया.

मसले वाली रबी की फसले  - 
                                                       धनिया, सोफ़,अजवाईन,जीरा,हल्दी,लहसुन,

ओषधि वाली रबी की फसले - 
                                                        अफीम.

नकदी वाली रबी कि फसले - 
                                                         गन्ना.

रबी के मोसम में सब्जी वाली फसले - 
                                                        अल्लू,गोभी,पत्ता गोभी,गाजर,मूली,सल्ज्म,पालक,मेथी,



भारत में, **रबी की फसलें
                                                      वे हैं जो सर्दियों के मौसम में बोई जाती हैं और वसंत में काटी जाती हैं। रबी का मौसम आमतौर पर **अक्टूबर-नवंबर** में शुरू होता है, और फसलें **मार्च-अप्रैल** के आसपास काटी जाती हैं। ये फसलें ज़्यादातर उन इलाकों में उगाई जाती हैं जहाँ सर्दियाँ ठंडी होती हैं और खरीफ़ की फसलों की तुलना में कम पानी की ज़रूरत होती है।

भारत में आम रबी की फसलें:

1. **गेहूँ**
- उत्तरी भारत में प्रमुख रबी की फसल और मुख्य भोजन।
- पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर उगाया जाता है।

2. **जौ**
- राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में उगाया जाता है।

3. **सरसों (रेपसीड)**
- लोकप्रिय तिलहन फसल, जो मुख्य रूप से राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में उगाई जाती है।

4. **चना (चना)**
- मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में उगाई जाने वाली एक दलहन फसल।

5. **मटर**

- उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे कई राज्यों में सब्जी की फसल के रूप में उगाया जाता है।

6. **मसूर**

- उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में उगाई जाने वाली प्रमुख दलहन फसल।

रबी फसलों के लिए परिस्थितियाँ:

- **तापमान**: बुआई के दौरान ठंडा मौसम और पकने के दौरान धूप वाले दिन।
- **सिंचाई**: चूँकि रबी की फसलें मानसून के बाद उगाई जाती हैं, इसलिए अक्सर सिंचाई की आवश्यकता होती है।
- **मिट्टी**: उपजाऊ दोमट या जलोढ़ मिट्टी इन फसलों के लिए आदर्श होती है।

कृषि महत्व:

- रबी की फसलें भारत के कृषि उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं, खासकर गेहूं, जो भारत की खाद्य सुरक्षा का एक बड़ा हिस्सा है।

यदि आप किसी विशिष्ट फसल या खेती के तरीकों पर विस्तृत मार्गदर्शन चाहते हैं, तो मुझे बताएं!

In India, Rabi crops are those that are sown in the winter season and harvested in the spring. The Rabi season typically starts in October-November, and the crops are harvested around March-April. These crops are mostly grown in areas that experience cooler winters and require less water than Kharif crops.

Common Rabi Crops in India:

  1. Wheat

    • Major Rabi crop and staple food in northern India.
    • Grown extensively in Punjab, Haryana, Uttar Pradesh, and Madhya Pradesh.
  2. Barley

    • Grown in Rajasthan, Punjab, and Haryana.
  3. Mustard (Rapeseed)

    • Popular oilseed crop, mainly grown in Rajasthan, Haryana, and Uttar Pradesh.
  4. Gram (Chickpeas)

    • A pulse crop grown in Madhya Pradesh, Maharashtra, Rajasthan, and Uttar Pradesh.
  5. Peas

    • Grown as a vegetable crop in many states like Uttar Pradesh and Bihar.
  6. Lentils

    • Major pulse crop cultivated in Uttar Pradesh, Bihar, and Madhya Pradesh.

Conditions for Rabi Crops:

  • Temperature: Cool weather during sowing and sunny days during maturation.
  • Irrigation: Since Rabi crops are grown after the monsoon, irrigation is often required.
  • Soil: Fertile loamy or alluvial soils are ideal for these crops.

Agricultural Importance:

  • Rabi crops contribute significantly to India's agricultural output, especially wheat, which forms a major part of India's food security.

If you'd like detailed guidance on any specific crop or farming practices, let me know!


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

येल्लो मस्टर्ड (Yellow Mustard) की प्रमुख किस्में निम्नलिखित हैं: मुख्य रोग मुख्य कीट की पूरी

 येल्लो मस्टर्ड (Yellow Mustard) की प्रमुख किस्में निम्नलिखित हैं

penoxsulam 2.67 use in hindi, उपयोग की विधि, पेनॉक्ससलम 2.67% के उपयोग के लाभ.

  पेनॉक्ससलम 2.67% उपयोग: एक प्रभावी खरपतवार नाशी   पेनॉक्ससलम 2.67% उपयोग: एक प्रभावी खरपतवार नाशी पेनॉक्ससलम 2.67% एक चयनात्मक (Selective) खरपतवार नाशी है, जिसका उपयोग मुख्यतः धान की फसल में चौड़ी पत्तियों वाले और घास वर्गीय खरपतवारों को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। यह फसल के शुरुआती विकास के दौरान खरपतवारों को खत्म करने में अत्यंत प्रभावी है। पेनॉक्ससलम 2.67% के उपयोग के लाभ चयनात्मक नियंत्रण यह केवल खरपतवारों को नष्ट करता है और मुख्य फसल (धान) को नुकसान नहीं पहुंचाता। लंबे समय तक प्रभाव खरपतवारों पर इसका असर लंबे समय तक बना रहता है, जिससे फसल को बेहतर पोषण मिलता है। आसान उपयोग पानी के साथ मिलाकर इसका छिड़काव सरल और प्रभावी है। व्यापक प्रभाव यह चौड़ी पत्तियों वाले खरपतवार (Broadleaf Weeds) और घास वर्गीय खरपतवार (Grassy Weeds) दोनों को नियंत्रित करता है। उपयोग की विधि खुराक (Dosage) 2.67% पेनॉक्ससलम का उपयोग 0.4 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। प्रति एकड़ के लिए लगभग 120-150 मिलीलीटर का उपयोग पर्याप्त होता है। घ...

फॉस्फोरस (p),के फसल में उपयोग,कार्य,मात्रा

 फॉस्फोरस (जिसे अक्सर कुछ संदर्भों में "फॉस्फोरस" के रूप में संदर्भित किया जाता है) पौधों के लिए एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है, और यह उनकी वृद्धि और विकास में कई महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पौधों के लिए फॉस्फोरस के कुछ प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं: