सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

फूल गोभी की किस्मे रोग किट व उपचार. |


 

फूल गोभी की प्रमुख किस्में:

  1. पंत फूल गोभी (Pant Cauliflower):

    • यह किस्म उत्तर भारत में उगाई जाती है। इसका आकार बड़ा होता है और यह उच्च गुणवत्ता वाली होती है। यह किस्म ठंडे मौसम में अच्छी बढ़ती है।
  2. कृष्णा फूल गोभी (Krishna Cauliflower):

    • यह किस्म गर्मी के मौसम में भी उगाई जा सकती है। इसका फूल सफेद और ठोस होता है, जिससे उच्च उपज मिलती है।
  3. कन्हैया फूल गोभी (Kanhaiya Cauliflower):

    • यह किस्म विशेष रूप से मध्य भारत में उगाई जाती है। इसके फूल सफेद और बड़े होते हैं, जिससे बाजार में अच्छी मांग होती है।
  4. स्मार्ट फूल गोभी (Smart Cauliflower):

    • यह किस्म जल्दी पकने वाली होती है और इसमें कम समय में अच्छी गुणवत्ता वाले फूल होते हैं।
  5. बासमती फूल गोभी (Basmati Cauliflower):

    • यह किस्म दक्षिण भारत में उगाई जाती है और इसकी विशेषता इसकी लंबी फूलों की श्रृंखला होती है।

फूल गोभी के प्रमुख रोग:

  1. पाउडरी मिल्ड्यू (Powdery Mildew):

    • फूल गोभी की पत्तियों पर सफेद पाउडर जैसा पदार्थ दिखाई देता है।
    • उपचार: प्रभावित पौधों को हटाकर नष्ट करें और मेटालेक्सिल या सोडियम बाइकार्बोनेट जैसे फफूंदी नाशक का छिड़काव करें।
  2. फ्यूसारियम विल्ट (Fusarium Wilt):

    • इस रोग में फूल गोभी के पौधे मुरझाने लगते हैं और पत्तियाँ पीली पड़ने लगती हैं।
    • उपचार: प्रभावित पौधों को उखाड़कर नष्ट करें। खेत में अच्छे जल निकासी की व्यवस्था करें और कार्बेंडाजिम या थिराम जैसे फफूंदी नाशकों का उपयोग करें।
  3. ब्लाइट (Blight):

    • फूल गोभी के पौधों पर यह रोग तब होता है जब पौधों के तने और पत्तियाँ सड़ने लगती हैं।
    • उपचार: प्रभावित पत्तियों को हटा दें और फेनमीडिन जैसे फफूंदी नाशकों का छिड़काव करें।
  4. बैक्टीरियल लीफ स्पॉट (Bacterial Leaf Spot):

    • इस रोग में फूल गोभी की पत्तियों पर छोटे धब्बे बन जाते हैं और पानी जैसी सूजन होती है।
    • उपचार: प्रभावित पौधों को उखाड़कर नष्ट करें और कॉपर ऑक्सिच्लोराइड जैसे बैक्टीरियल फंगसाइड का छिड़काव करें।
  5. कैबरल लेफ ड्रॉप (Cabbage Leaf Drop):

    • इस रोग में फूल गोभी की पत्तियां पीली और गिरने लगती हैं।
    • उपचार: प्रभावित पत्तियों को हटाकर नष्ट करें और फसल में मेटालेक्सिल या थायफेंथेट-मेथाइल का छिड़काव करें।

फूल गोभी के प्रमुख कीट:

  1. गोभी की इल्ली (Cabbage Caterpillar):

    • यह कीट फूल गोभी के पौधों की पत्तियों और तनों को खाता है।
    • उपचार: कीट से बचाव के लिए स्पिनोरेस या अज़ादिरैक्टिन जैसे जैविक कीटनाशकों का उपयोग करें।
  2. गोभी का थ्रिप्स (Cabbage Thrips):

    • यह कीट गोभी के पौधों के रस को चूसते हैं, जिससे पत्तियां सिकुड़ने लगती हैं।
    • उपचार: थ्रिप्स से बचाव के लिए स्पिनोरेस या साइपरमाथ्रिन जैसे कीटनाशकों का छिड़काव करें।
  3. गोभी का माइट (Cabbage Mite):

    • यह कीट गोभी की पत्तियों का रस चूसता है, जिससे पत्तियां मुरझाने लगती हैं।
    • उपचार: माइट्स से बचाव के लिए अफीड्स या पर्मेथ्रिन जैसे कीटनाशकों का छिड़काव करें।
  4. गोभी का एफिड (Cabbage Aphid):

    • ये कीट फूल गोभी के पौधों के रस को चूसते हैं, जिससे पौधों की वृद्धि रुक जाती है और उनका रंग मुरझाने लगता है।
    • उपचार: एफिड्स से बचाव के लिए इमिडाक्लोप्रिड या एसीफेट जैसे कीटनाशकों का छिड़काव करें।
  5. गोभी का मोल (Cabbage Maggot):

    • यह कीट गोभी के फल और कंदों में घुसकर उन्हें खाता है, जिससे फल सड़ने लगते हैं।
    • उपचार: बुवाई से पहले खेत की मिट्टी में इंडोक्साकार्ब या मेथोमाइल का उपयोग करें। प्रभावित फलों को हटा दें और नष्ट करें।

उपचार के सामान्य उपाय:

  • सिंचाई प्रणाली: फूल गोभी की फसल में जल निकासी का ध्यान रखें, क्योंकि पानी जमा होने से कई रोगों का खतरा बढ़ सकता है।
  • फसल चक्र: फूल गोभी के खेतों में फसल चक्र का पालन करें और विभिन्न प्रकार की फसलों को उगाकर भूमि की उर्वरता बनाए रखें।
  • साफ-सफाई: खेतों में घास और अन्य अवशेषों को साफ रखें ताकि कीट और रोगों के प्रकोप से बचा जा सके।
  • जैविक उपचार: जैविक कीटनाशकों और फफूंदी नाशकों का प्रयोग करें जैसे नीम तेल, बायोफुंगसाइड, और बायो कीटनाशक (जैसे बीटी)।

इन उपायों का पालन करके फूल गोभी की फसल को रोगों और कीटों से बचाया जा सकता है, जिससे उच्च गुणवत्ता और अच्छी उपज प्राप्त की जा सकती है।

टिप्पणियाँ

300*250

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

ब्लैक ग्राम (Black Gram) की प्रमुख किस्में: किट रोग व् उपचार

 ब्लैक ग्राम (Black Gram) की प्रमुख किस्में: किट रोग व् उपचार 

येल्लो मस्टर्ड (Yellow Mustard) की प्रमुख किस्में निम्नलिखित हैं: मुख्य रोग मुख्य कीट की पूरी

 येल्लो मस्टर्ड (Yellow Mustard) की प्रमुख किस्में निम्नलिखित हैं

मिर्च की किस्मे रोग किट व उपचार

  मिर्च की प्रमुख किस्में: कृष्णा मिर्च (Krishna Chilli) यह किस्म उच्च उत्पादकता वाली होती है और इसका रंग गहरा लाल होता है, जो विशेष रूप से मसालों के लिए उपयोगी है। भूत जोलोकिया (Bhut Jolokia) यह मिर्च दुनिया की सबसे तीखी मिर्चों में से एक मानी जाती है। इसे विशेष रूप से तीखे स्वाद के लिए उगाया जाता है और भारत में यह विशेष रूप से असम और नगालैंड में उगाई जाती है। लाल मिर्च (Red Chilli) यह किस्म भारत में प्रमुख रूप से उगाई जाती है और इसका उपयोग सूखी मिर्च के रूप में मसाले के रूप में किया जाता है। यह विविध आकार और रंगों में उपलब्ध होती है। ताम्र मिर्च (Tamra Chilli) यह किस्म बड़ी और मोटी मिर्चों की होती है, जो हरे रंग की होती है और पकने पर लाल हो जाती है। इसे फलों के रूप में खाया जाता है। हरी मिर्च (Green Chilli) यह किस्म ताजगी और स्वाद में उत्तम होती है। इसे कच्चा खाया जाता है और अधिकतर पकवानों में इस्तेमाल किया जाता है। मिर्च के प्रमुख रोग: फ्यूसारियम विल्ट (Fusarium Wilt) इस रोग में मिर्च के पौधे मुरझाने लगते हैं और पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं।...

90*728